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सड़कों पर पड़े हुए गोबर को छत्तीसगढ़ के आदिवासी कैसे बनाते हैं उपयोगी

क्या आपको पता है कि खाना बनाने में भी गोबर का उपयोग हो सकता है? जी हां, जो गोबर हमें शहरों में रास्ते पर ऐसे ही पड़ा हुआ मिलता है, उसका अच्छा उपयोग भी हो सकता है। आदिवासियों द्वारा गोबर के कंडे ज़्यादातर गाँवों में बनाए जाते हैं। गोबर के कंडे बनाने के लिए कई विधि का प्रयोग करते हैं।


कैसे बनाते हैं गोबर के कंडे?

गाय का गोबर उठाती महिला। फोटो साभार- सोशल मीडिया


पहले गाय के गोबर और बद्रा को एक जगह इकट्ठा कर लेते हैं। बिना पका हुआ धान जिसमें जिसमें बीज नहीं होता है, उसे बद्रा कहते हैं। इसे पेरोसी भी कहा जाता हैं। गोबर से कंडे बनाने के लिए गाय का गोबर, पानी और बद्रा को एक साथ मिलाया जाता है।


गोबर को पहले पानी में डालकर अच्छे से फेंटा जाता है ताकि गोबर मुलायम हो जाए। गोबर में कई बार पानी डाल-डालकर फेंटा जाता है और धान से निकाले गए बद्रा को गोबर के साथ मिलाया जाता है। इससे गोबर थोड़ा कड़ा हो जाता है जिससे कंडे बनाने में कोई परेशानी नहीं होती है। गोबर को अच्छे से इसलिए फेंटा जाता है ताकि गोबर के कंडे फटे नहीं।


गोबर के कंडे सिर्फ गोल आकर नहीं, बल्कि कई आकृतियों में बनाए जाते है। कंडे बनाने के बाद सुखाने के लिए धूप में रखे जाते हैं। कंडे सुखाने से पहले ज़मीन पर पहले बद्रा को बिखेरा जाता है फिर गोबर को बिखेरे गए बद्रा पर गोबर गोल आकृति में थोपा जाता है। उस गोबर को तब तक थोपते हैं, जब तक वह पतला ना हो जाए। गोबर को पतला थोपने से कंडे जल्दी सूखते हैं।


अगर गोबर के कंडे को थोपने के लिए जगह नहीं मिलती तो कंडे को दीवार पर भी थोप देते हैं। दीवार में थोपने के बाद उसे तीन या चार दिन के लिए दीवार पर ही छोड़ देते हैं। फिर सूखने के बाद कंडे अपने आप दीवार से नीचे गिर जाते हैं।


ऐसे करते हैं गोबर के कंडों का उपयोग

प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो साभार- Getty Images


अगर घरों में लकड़ी नहीं होती, तो गोबर के कंडे से ही खाना बना सकते हैं। इस गोबर के कंडे को शहरों में बेचा जाता है। एक कंडे की कीमत दो रुपये होती है।


कंडे कई तरह से उपयोग मे लाए जाते हैं। ईंटा भट्ठी में ईंट पकाने के लिए कंडे का उपयोग किया जाता है। जब किसी के यहां बच्चा पैदा होता है, तो उस बच्चे की सेकाई के लिए भी गोबर के कंडे का उपयोग करते हैं। आदिवासियों का मानना है कि गोबर से सेकने से बच्चे तंदुरुस्त रहते हैं।


गोबर के कंडे से प्राप्त किए गए राख का भी उपयोग करते हैं। राख का उपयोग सब्ज़ियों में लगे कीड़ों को निकालने के लिए करते है, जहां राख को सब्ज़ियों में बिखेरा जाता है और सब्ज़ियों में लगे कीड़े बाहर निकल जाते हैं।


क्या आपको पता था गोबर इन प्रकारों से इस्तेमाल होता है? आपको गोबर के और क्या उपयोग पता हैं?



लेखिका के बारे में- वर्षा पुलस्त छत्तीसगढ़ में रहती हैं। पेड़-पौधों की जानकारी रखने के साथ-साथ वो उनके बारे में सीखना भी पसंद करती हैं। उन्हें पढ़ाई करने में मज़ा आता है।


यह लेख पहली बार यूथ की आवाज़ पर प्रकाशित हुआ था

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