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अंदाजा लगाइए कि भारत के भीतर स्थित यह पर्यटन स्थल कौन सा है

अगर आपको पानी ओर पहाड़ से प्रेम है लेकिन आप भीड़-भाड़ वाले पर्यटक स्थलों से दुरी बनाये रखना चाहते हैं तो आपको ज़रूर छत्तीसगढ़ के सतरंगी पर्यटन स्थल में जाना चाहिए। सतरेंगा कोरबा जिला में स्तिथ है और छत्तीसगढ़ की नई पहचान बन चुका है। सतरेंगा पर्यटन स्थल में एक तरफ महादेव पहाड़ है और दूसरी तरफ एक विशाल झील है। इस में आप अपने परिवार समेत प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिता सकते हैं।

Photo credit: Chhattisgarh Tourism

सतरेंगा जलविहार का नजारा बेहद सुकून पहुंचाने वाला है, यहां दूर-दूर तक फैले पानी प्रकृति के बीच हरे रंग का प्रतीक होता है। इसकी तुलना मारीशस से की जाती है। सतरेंगा में नौका विहार करना एक अलग अनुभव देता है, ठहरने के लिए ग्लास हाउस, हसदेव हाउस, लेक हाउस ,और टेंट हाउस मौजूद हैं। ठंड के दिनों में कैंप फायर और हारसराइडिंग का भी लुप्त यहां उठाया जा सकता है। सतरेंगा में आप आराम भरा समय बिता सकते हैं। यहां पिकनिक मनाने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। यहां बहुत अच्छा गार्डन है ।अंदर प्रवेश के लिए ₹20 का टिकट लेना पड़ता है। यहां अनेकों प्रकार के झूले हैं। और स्टेडियम भी है। यहां अनेकों प्रकार के नाव हैं। छोटा नाव ₹50 किराए से शुरू होता है ,और बडा नाव ₹3000 से शुरू होता है। सतरेंगा पिकनिक मनाने के लिए बहुत अच्छा जगह है।

सतरेंगा का महादेव पहाड़ I Credit: Chhattisgarh Tourism

जंगल और पहाड़ों के बीच बना सतरेंगा पार्क

सतरेंगा में एक पहाड़ है किसका नाम है महादेव पहाड़। ये पहाड़ प्राकृतिक तौर पर शिव लिंग का आकार लिए हुए हैं। सतरंगा में बहुत पुराना महाकाल का वृक्ष भी मौजूद है। इसे वन विभाग ने संरक्षित किया है। यह वृक्ष 1400 साल पुराना वृक्ष है। यह छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने पेड़ों में से एक हैं।

पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं

सतरेंगा के पर्यटन स्थल को बेहतरीन बनाने के लिए सड़क तथा वायु मार्ग से जोड़ा गया है इस पर्यटन परियोजना के विकास से सुदूर अंचल में स्थित सतरेंगा क्षेत्र के स्थानीय जनजातियों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं। सतरेंगा में स्थानीय लोगों को जोड़ने से उन्हें अपने ही क्षेत्र में आय का साधन मिल रहा है। सतरेंगा के आसपास के लोगों को रोजी मजदूरी मिल रहा है, कई गांव के लोगों ने यहां अपना दुकान-होटल स्थापित किया है। स्व सहायता समूह और बिहान योजना के अंतर्गत लोगों ने यहां अनेक प्रकार के दुकान खोले हैं ,और अपना जीवन यापन अच्छी तरह से चला रहे हैं। यहां हजारों लोगों को आय का साधन मिल रहा है। सतरेंगा क्षेत्र में इको टूरिज्म का विषय प्रमुखता से सामने आया है। कोरबा सतरेंगा एक ऐसे क्षेत्र है। जो प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण हैं ,चर्चा के दौरान इन क्षेत्रों का विकास केरल मॉडल को ध्यान में रखकर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। सतरेंगा सालों से पर्यटकों का ध्यान अपनी और खींचता रहा है, हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार के पर्यटन विभाग ने इसका अधिग्रहण किया है। सतरेंगा में अब वाटर स्पोर्ट्स के साथ ही पानी पर तैरता हुआ फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और ठहरने के लिए रिसोर्ट की भी व्यवस्था हो चुकी है।


इस तरह सतरेंगा पर्यटन स्थल ने जल सौंदर्य और साहसिक गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना महत्वपूर्ण पहचान बना लिया है।


यह आलेख आदिवासी आवाज़ प्रोजेक्ट के अंतर्गत मिजेरियोर और प्रयोग समाज सेवी संस्था के सहयोग से तैयार किया गया है।

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