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बवासीर का सुगम व सस्ता इलाज, केवल घरेलू सामानों से हुआ आसान।

पंकज बांकिरा द्वारा सम्पादित

कहा जाता है कि गुप्त रोगों में, सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक बावासीर है। यह दर्द देने में मशहूर है। ये दो तरह के होते हैं, अंदर में होने वाली बवासीर और बाहर में होने वाली बवासीर। इसके इलाज के लिये बहुत दिक्कत होती है, अत्यदिक पैसों की जरूरत पड़ती है। और कई बार ऐसा होता है, इसके इलाज के लिये ऑपरेशन तक करवाना पड़ता है। यह बीमारी, मुख्यत: गुप्त-रोग के रूप में जाना जाता है।


यह बीमारी बहुत ही खतरनाक होती है, यह दर्द देने में कोई कसर नही छोड़ता। और जानकारी के अभाव में हमारे कई आदिवासी भाई-बहन लोग इस बीमारी से ग्रसित होकर अधिक कष्ट झेलते हैं। वे अपना इलाज सही समय में नही करा पाते और जब इलाज कराने हॉस्पिटल जाते हैं, तो पैसों का भरमार लगता है। ऐसी स्थिति में उनका इलाज कराना बहुत ही कठिन होता है। परन्तु, अब हम इस बीमारी से ग्रसित, सभी लोगों को आयुर्वेदिक तरीके से सस्ते, कम बजट में, इलाज करने वाली औषधि के बारे में, हम आपको बताना चाहते हैं।


आइए जानें, इसके बारे में


आइए, हम उस व्यक्ति से मिलते हैं। जो बवासीर बीमारी को ठीक करने वाले, सस्ते और अच्छे औषधि के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं। जिनका नाम धरम दास है, और जिनकी उम्र लगभग 65 साल के आस-पास होगी। उन्होंने हमें बताया, इसके लिए दो चीजों की जरूरत होती है। जो हमें आसानी से मिल जाते हैं। पहला है केला और दूसरा कपूर। कपूर, दुकानों में दो तरह के होते हैं। पहला, पूजा-वाला कपूर और दूसरा देशी-कपूर। दोनों में ज्यादा अच्छा, देसी-कपूर होता है।


सबसे पहले हमें केले को छोटे-छोटे हिस्से में काट लेना है। और जो कपूर है, उसे एक छोटी टेबलेट जैसे हिस्से में ले लेना है। उसके बाद उस कपूर को, उस कटे हए केले के अंदर डाल लेना है। इसको ऐसा इसलिए करते हैं, क्योंकि कपूर बहुत कड़वा होता है, उसे खाने में बहुत दिक्कत होता है। उसके बाद उस केले के हिस्से को सुबह खाली पेट खाना है। ऐसा एक सप्ताह तक करना है, ऐसा करने से बवासीर जल्द ही ठीक हो जाएगा। इस औषधि का उपयोग शुरुआती दौर में करें तो ज्यादा अच्छा है। और बीमारी को ज्यादा दिन हुआ हो तो बीमारी के हिसाब से दवाई चलाना होगा। मरीज जल्द ही ठीक हो जाएगा। इस से आपको किसी प्रकार का नुकसान होने की सम्भवना नहीं है। यह एकदम सुरक्षित है।


यदि, आपके शरीर में बवासीर हो, तो क्या-क्या करें परहेज?


आपके बॉडी में कब्ज जमा नहीं होने देना है। और तेल, मसला, पनीर, दूध, ब्रेड, मैदा से बने चीज बिल्कुल नहीं खाना है, इन्हें बिल्कुल परहेज करना है। खाना खाने से पहले अगर हो सके तो नास्ते में पपीता लीजिए। क्योंकि, पपीता पेट में कब्ज जमने नहीं देता है। इसके साथ फल और स्लाद खा सकते हैं, और पानी पीने की मात्रा बढ़ा दें, ये सभी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हैं।


कपूर को खाने के साथ-साथ लगा भी सकते हैं। इसे उस जगह में लगाए जहाँ बवासीर है, इसका उपयोग इस तरह भी कर सकते हैं। इसके लिये थोड़ा सा नारियाल ले सकते हैं। औऱ उसे अच्छे से मिला लें और उस जगह पे लगाएं, ऐसा करने से जो दर्द है, जलन है, जल्द ही ठीक हो जाएगा। इसके साथ आपको एक बात ध्यान में और रखना है। जिस वक्त आपको बवासीर हुआ हो, उस वक्त खाना कम मात्रा मे खायें, ताकि आपको ज्यादा फ्रेस होना न पड़े। और केला केवल पका हुआ ही लेना है, कच्चा केला नही लेना है। इसके साथ आप जो दवाई-गोली ले रहे हैं, वो ले सकते हैं। आपको किसी तरह का नुकसान नही होगा।


इस बीमारी से जो भी व्यक्ति ग्रसित हों, इस घरेलू नुस्खे को एक बार अपना कर जरूर देखें। क्योंकि इस दवाई को बनाने में ज्यादा पैसा नही लगता है। अपने हाथों से खुद बनाकर इसका उपयोग कर सकते हैं।


नोट: यह लेख Adivasi Awaaz प्रोजेक्ट के अंतर्गत लिखा गया है, जिसमें ‘प्रयोग समाजसेवी संस्था’ और ‘Misereor’ का सहयोग है।


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