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#AdivasiAwaaz is a project by Adivasi Lives Matter (ALM) and Prayog, CG to help the Adivasi (Indigenous) youth of India assert their identities through digital stories to preserve, promote and amplify Adivasi identity.
पंडो समुदाय का यह युवा कर रहा है दूसरों को प्रेरित
उन्होंने अपने घर की खराब आर्थिक स्थिति को देखकर खुद से सोचा कि पढ़ाई के साथ-साथ कुछ और काम भी करना चाहिए।

Santoshi Pando
Jul 6, 20222 min read


आदिवासी क्षेत्रों में चार (चांहर) आय का एक अच्छा माध्यम बन रहा है
इस साल चार दाने के दानों की मूल्य काफी ज्यादा रही है। इसलिए इस साल चार के दाने ज्यादा इकट्ठा भी किए गए हैं।

Varsha Pulast
Jul 3, 20222 min read


जानिए चटनियों का राजा इमली के बारे में
इसका मूल्य, दाने के साथ 20-25 रु प्रति किलो होता है और बिना दाने के साथ 50-60 रु प्रति किलो होता है।

Sadharan Binjhwar
Jun 22, 20223 min read


ग्रामीण आदिवासी स्वयं करते हैं अपने घर के छत के लिए खपरा का निर्माण
ग्रामीण आदिवासी घरों का अभिन्न अंग है खपरा, लगभग सभी आदिवासी अपने घरों का छत बनाने के लिए खपरा का इस्तेमाल करते हैं।

Sadharan Binjhwar
Jun 13, 20223 min read


जुड़ और पेज भात खा कर गर्मी तथा लू का सामना करते हैं आदिवासी
मौसमी बदलाव का सामना भी आदिवासी अपने आस-पास मौजूद संसाधनों की सहायता से प्राकृतिक रूप से ही करते आए हैं।
Rakesh Nagdeo
Jun 9, 20223 min read


जानिए गोंड आदिवासियों के पाठ पिंडी पर्व के बारे में
पाठ पिंडी पुजा इस वर्ष मनाया गया और लगभग 40 साल बाद यह पूजा किया गया है। यह कार्यक्रम को चैत्ररई यानी चैत्र माह में मानया जाता है।

Deepak Kumar Sori
Jun 8, 20222 min read


रावघाट परियोजना में उजड़ते जंगल और आदिवासियों पर विकास के नाम पर बढ़ता सामाजिक दबाव का बोझ।
बीते 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रावघाट लौह अयस्क खनन परियोजना को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। इस दौरान...

Jyoti
May 31, 20223 min read


गर्मी के दिनों में छत्तीसगढ़ के आदिवासी जल संरक्षण कर आलू उगा रहे हैं।
कोरबा जिले के बिंझरा गाँव में रहने वाले कई आदिवासी गर्मी के दिनों में भी आलू और कुछ दूसरे फसल की भी खेती करते हैं।

Varsha Pulast
May 21, 20223 min read


जानिए औषिधीय गुणों से भरपूर छत्तीसगढ़ के करहनी धान के बारे
करहनी धान के चावल का उपयोग लकवा (पक्षाघात) से प्रभावित रोगियों के इलाज में होता है।

Anchal Kumari
Apr 18, 20222 min read


क्या नल जल योजना से ग्रामीणों के पानी की समस्या दूर हो रही है ?
सरकार ने जल जीवन मिशन और हर घर जल योजना का एलान 2020-21 के बजट में किया था। सरकार इस योजना पर 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

Ishwar Kanwar
Mar 5, 20222 min read


कोरबा के आदिवासियों को नहीं मिल रहा नल-जल योजना का लाभ
तालाबों के न होने और सरकार द्वारा कोई सुविधा नहीं देने के कारण आदिवासीयों को साफ़ पानी मिलने में असुविधा हो रही है।

Santoshi Pando
Feb 21, 20222 min read


कोरोना टीकाकरण अभियान में आदिवासियों का दिख रहा रुझान
कोरबा जिले के आदिवासी बढ़-चढ़ कर लगा रहे हैं कोरोना का टीका, अपने परिवार के साथ गाँव वालों को भी कर रहें जागरूक।

Manrakhan Singh Agariya
Feb 15, 20222 min read


जानिए आदिवासियों द्वारा उपयोग की जाने वाली इन अनोखे कंदों के बारे
कड़वा, गेठोरा, उपका आदि कंदों का उपयोग छत्तीसगढ़ के आदिवासी करते हैं। कुछ कंदे जंगलों में मिलते हैं, कुछ घर-बाड़ी में पाए जाते हैं।

Ajay Kanwar
Feb 7, 20223 min read


क्यों इस त्योहार के बाद ही शादी कर सकते हैं बिंझवार समुदाय के लोग?
बात देवउठनी त्योहार की जो बिंझवार समुदाय के आदिवासी हर साल कार्तिक एकादशी में मनाई जाती है।
Jagmohan Binjhwar
Dec 29, 20212 min read


जानिए छत्तीसगढ़ में मनाए जाने वाले पूर्ण ईसर गवरा महापर्व के बारे में
इस महोत्सव में गोंड आदिवासी अपने ईष्ट देव ईसर राजा और गवरा दाई के विवाह को सभी रीति रिवाजों के साथ हर्षोल्लास के साथ मानते हैं।

Chaman Netam
Nov 24, 20213 min read


छत्तीसगढ़ के 21 साल बाद क्या है मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्थिति ?
छत्तीसगढ़ के अलग होने से पहले आदिवासियों में मातृ और शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक थी। अब क्या है स्थिति जानिए इस लेख में।

Tara Sorthey
Nov 18, 20214 min read


मुश्किलों से लड़कर स्वालंबी बनने का संदेश दे रहे हैं, छत्तीसगढ़ के आदिवासी मछुआरे
खुद से बनाए गये जाल से मछली पकड़कर अपनी घर-गृहस्थी चला रहे हैं लोग। नदियों में बरसात का पानी कम होते ही मछली पकड़ना शुरू हो जाता है।

Manrakhan Singh Agariya
Oct 18, 20213 min read


क्या आप जानते हैं जुगाड़ से बने इस मिक्सर-ग्राइंडर के बारे में?
'खलबट्टा' एवं 'ढेंकी' के इस्तेमाल कर गाँव के लोग आसानी से कुटाई-पिसाई का काम सदियों से करते आ रहे हैं।

Varsha Pulast
Oct 11, 20213 min read


चारागाहों कि कमी के कारण क्या लोग हो रहे हैं पशुपालन से दूर?
इन दिनों ग्रामीण तेजी से पशुपालन से दूर हो रहे हैं और अपने मवेशियों को सड़कों पर मरने के लिए छोड़ रहे हैं

Tara Sorthey
Sep 28, 20212 min read


गाँव में आदिवासी बैगा, छाले, मलेरिया,और कुत्ते के काटने जैसे गंभीर बीमारियों का करते हैं इलाज़
नोट- यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है, यह किसी भी प्रकार का उपचार सुझाने की कोशिश नहीं है। यह आदिवासियों की पारंपारिक वनस्पति पर आधारित...

Ajay Kanwar
Sep 26, 20212 min read


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