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#AdivasiAwaaz is a project by Adivasi Lives Matter (ALM) and Prayog, CG to help the Adivasi (Indigenous) youth of India assert their identities through digital stories to preserve, promote and amplify Adivasi identity.
आखिर क्यों, छत्तीसगढ़ में, दान में दी जाती है धान
जब मिसाई का अंतिम दिन होता है। उस दिन किसान, वहाँ आये सभी लोगों को धान की ‘दान’ देते हैं। चाहे, कोई छोटा रहे या बड़ा।
Dinesh Kanwar
Apr 18, 20233 min read


आइए जानें, कैसे बनाते हैं आदिवासी, गर्मियों में, मडिया का पेय
गर्मी में, बहुत ज्यादा प्यास लगती है। इस स्थिति में, लोग अपने साथ, मडिया का पेज, हमेशा बनाकर पकड़े रहते हैं।

Rameshwari Dugga
Apr 17, 20233 min read


Twisa ni twi bai samung Kotor chukmani tamkhe naidi
Hapung hathaini kwnwi kwcharo Twisa chikonsa twimuk yormani bagwi twisa ni lama kolokma naithokhe twi yorwi bakhwlai thangma bai kheto khwla

Khumtia Debbarma
Apr 16, 20233 min read


अमृत-काल में भी, मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, ग्राम लाफा के आदिवासी
आदिवासियों के घर, जंगल और पहाड़ी इलाकों में होने के कारण, शासन की सुविधा उन तक नहीं पहुंच पाती।
Baby Raj
Apr 14, 20232 min read


Baithangni hao 6th Schedule tongmabai chukliya, boro o thai?
Hayung ha kotoro naisigwi naidi joto bwkhakno ubrum jabrum eba orai porai wnglaijak. Khao chongmale thaisano, thwiyasak kahamkhe tongwi than

Gobin Debbarma
Apr 14, 20232 min read


वर्तमान में, मल्लाहों का जीवन स्तर कैसा है
मल्लाह, भारत के मूलनिवासी माने जाते हैं। वे नाव चलाते आए हैं और मछली पकड़ने का काम करते हैं।

Veer Meravi
Apr 13, 20233 min read


डोंगरी ग्राम के लोग, तिवरा दाल को पकाने के लिए, क्यों करते हैं एक खास कुँए के पानी का इस्तेमाल
डोंगरी गांव के लोगों का मानना है कि, तिवरा दाल को पकाने के लिए, इस कुँए का पानी बहुत उपयोगी है।

Himanchal Singh
Apr 12, 20233 min read


Saksak bahai khe sak baithang bachawa swrwngkha rwchapkwrwng Parmita Reang
Tripura hasteo Bharat hakotoro chikon haste hinwi nw sinimwng rojagwi tonga - phiya Talent hinkhe bwini sai chikon ya hinwi borom yaphar jag

Kamal Jamatia
Apr 11, 20233 min read


Kokborok Films Industry ni thinang biyang?
19th century simi Tripura tokey swnamjagwi phaimani. Films kwbangmano nongkhorkha Tripura o. tinini kok bothoma wngkha Tripura o Tokey...

Gobin Debbarma
Apr 10, 20233 min read


The castor plant is used medicinally by the people of Tripura
We know that tribal people, not only in Tripura and India but worldwide, are known for their knowledge of medicine. Ayurvedic medicine is us

Khumtia Debbarma
Apr 10, 20232 min read


आइए जानें मुनगा पेड़ से मिलने वाले लाभ के बारे में
मुनगा पेड़, दो तरह के होते हैं। पहला, बारहमासी मुनगा और दूसरा, वर्षीय मुनगा।

Jetho Singh Andil
Apr 10, 20232 min read


क्यों कोया वंशीय, भिमाल पेन की उपासना करते हैं
कोया वंशीय, गोंड समुदाय के गण्डजीव, 'भिमाल पेन' की उपासना, चैत्र माह की पूर्णिमा में करते हैं।

Chaman Netam
Apr 7, 20233 min read


Tribal Territorial Rights and Their Various Dimensions(Andhra Pradesh)
A report on the distribution of tribal lands and how SAKTI solves the problem related to land rights and land acquisition of tribals.

Dr Chitra Rajora
Apr 7, 202315 min read


कौन है भिमाल पेन, और क्यों हर गोंड आदिवासी के गांव में, इनकी पूजा होती है
भिमाल पेन का जन्म, चैत्र पूर्णिमा को हुआ था। वह, मैकाल पर्वतीय श्रृंखला में, बैहर लांजी के, भुरा भगत और कोतमा दाई के पुत्र हैं।

Anjali Dhruw
Apr 7, 20236 min read


आइये जानें, गांव की महिलाएं, कैसे खरपतवार तुलसी के पौधे से, अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं
बरसात के पानी में, यह पौधा उगना शुरू करता है और सर्दी में जाकर तैयार होता है। इस तुलसी पौधे की अधिकतम ऊँचाई 6 से 7 फीट तक होती है।

Ravi Kr. Binjhwar
Apr 5, 20233 min read


क्यों मिला 'द एलीफैंट व्हिस्पेरेर्स' को ऑस्कर
गोंसाल्विस ने इस फिल्म के माध्यम से, बहुत ही सुन्दर तरीके से लोगों को, करुणा और प्यार का बोध करवाया है।
Pankaj Bankira
Apr 4, 20233 min read


कैसे, आदिवासियों के जंगल में बसने की वजह बना, एक झरन
यहां का मीठा पानी ही, आदिवासियों के बसने की वजह बनी। जहां पर पानी होता है, वहां पर जीव आते ही हैं।

Rameshwari Dugga
Mar 31, 20233 min read


चाँदागढ़ की कली कंकाली, कैसे बनी, गोंडवाना की माता कली कंकाली
गोंड आदिवासीयों द्वारा जगह और समय अनुसार ये कहानीयां अलग-अलग सुनने को मिलेगी। वर्तमान में गोंड समुदाय के इतिहासकार इसे लिपिबद्ध कर रहे हैं।

Anjali Dhruw
Mar 30, 20239 min read


महिला स्व-सहायता समूह ने, क्यों लिया गांव की साफ-सफाई करने का जिम्मा
पहले यहाँ लोग पिकनिक मनाने नहीं आते थे। तो, कचरा नहीं होता था। लेकिन, अब पिकनिक स्थल बनने के बाद, पिकनिक मनाने वाले लोग कचरा कर देते हैं।

Ajay Kanwar
Mar 29, 20233 min read


आखिर क्यों, बैगा जनजाति के बच्चे पढ़ाई नही कर पाते हैं
बैगा जनजाति के लोग, बड़े शहरो में वहां काम करने जाते हैं, जहाँ उन्हें लंबे समय के लिए काम मिल जाए।

Veer Meravi
Mar 28, 20233 min read


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