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#AdivasiAwaaz is a project by Adivasi Lives Matter (ALM) and Prayog, CG to help the Adivasi (Indigenous) youth of India assert their identities through digital stories to preserve, promote and amplify Adivasi identity.
क्यों कोया वंशीय, भिमाल पेन की उपासना करते हैं
कोया वंशीय, गोंड समुदाय के गण्डजीव, 'भिमाल पेन' की उपासना, चैत्र माह की पूर्णिमा में करते हैं।

Chaman Netam
Apr 7, 20233 min read


कौन है भिमाल पेन, और क्यों हर गोंड आदिवासी के गांव में, इनकी पूजा होती है
भिमाल पेन का जन्म, चैत्र पूर्णिमा को हुआ था। वह, मैकाल पर्वतीय श्रृंखला में, बैहर लांजी के, भुरा भगत और कोतमा दाई के पुत्र हैं।

Anjali Dhruw
Apr 7, 20236 min read


आइये जानें, गांव की महिलाएं, कैसे खरपतवार तुलसी के पौधे से, अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं
बरसात के पानी में, यह पौधा उगना शुरू करता है और सर्दी में जाकर तैयार होता है। इस तुलसी पौधे की अधिकतम ऊँचाई 6 से 7 फीट तक होती है।

Ravi Kr. Binjhwar
Apr 5, 20233 min read


क्यों मिला 'द एलीफैंट व्हिस्पेरेर्स' को ऑस्कर
गोंसाल्विस ने इस फिल्म के माध्यम से, बहुत ही सुन्दर तरीके से लोगों को, करुणा और प्यार का बोध करवाया है।
Pankaj Bankira
Apr 4, 20233 min read


कैसे, आदिवासियों के जंगल में बसने की वजह बना, एक झरन
यहां का मीठा पानी ही, आदिवासियों के बसने की वजह बनी। जहां पर पानी होता है, वहां पर जीव आते ही हैं।

Rameshwari Dugga
Mar 31, 20233 min read


चाँदागढ़ की कली कंकाली, कैसे बनी, गोंडवाना की माता कली कंकाली
गोंड आदिवासीयों द्वारा जगह और समय अनुसार ये कहानीयां अलग-अलग सुनने को मिलेगी। वर्तमान में गोंड समुदाय के इतिहासकार इसे लिपिबद्ध कर रहे हैं।

Anjali Dhruw
Mar 30, 20239 min read


महिला स्व-सहायता समूह ने, क्यों लिया गांव की साफ-सफाई करने का जिम्मा
पहले यहाँ लोग पिकनिक मनाने नहीं आते थे। तो, कचरा नहीं होता था। लेकिन, अब पिकनिक स्थल बनने के बाद, पिकनिक मनाने वाले लोग कचरा कर देते हैं।

Ajay Kanwar
Mar 29, 20233 min read


आखिर क्यों, बैगा जनजाति के बच्चे पढ़ाई नही कर पाते हैं
बैगा जनजाति के लोग, बड़े शहरो में वहां काम करने जाते हैं, जहाँ उन्हें लंबे समय के लिए काम मिल जाए।

Veer Meravi
Mar 28, 20233 min read


आइये जानें, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध व्यंजनों में से एक व्यंजन मुरई और खीरा रोटी के बारे में
मूली की रोटी, बहुत ही चटपटा और स्वादिष्ट लगता है। कुछ आदिवासी, खीरा की भी रोटी बना कर खाते हैं।

Ajay Kanwar
Mar 23, 20232 min read


गोंड वंश की बेटी, कैसे बनी छत्तीसगढ़ की आराध्य देवी, मां बमलेश्वरी
आज भी आदिवासी समुदायों के बीच कहानियां, पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनने को मिलती हैं। लेकिन, आधुनिक युग में, इन्हें हिंदू धर्म से जोड़ दिया जाता है।

Anjali Dhruw
Mar 22, 20239 min read


आदिवासी कैसे करते हैं लाख की खेती और सरकार द्वारा क्या सहयोग मिल रहा है
भारत, दुनिया में लाख का सबसे बड़ा उत्पादक है।वर्तमान में, वन क्षेत्रों के किसानों में, लाख की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

Himanchal Singh
Mar 20, 20234 min read


वर्तमान में कैसे बदल रहा है, 'छेरछेरा पर्व' मनाने का तरीका
यह पूरे छत्तीसगढ़ में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। छेरछेरा त्यौहार को, "नए फसल के काटने" की खुशी में मनाया जाता है।

Himanchal Singh
Mar 17, 20234 min read


आइये जानें, महिला समूह के द्वारा बनाये जा रहे, घनजीवामृत खाद के बारे में
हमारे गांव के सभी किसानों को बहुत ही ज्यादा फायदा हुआ है। यहां के किसान अपने फसलों के लिए, सिर्फ जैविक खाद का प्रयोग करते हैं।

Shubham Pendro
Mar 16, 20234 min read


आदिवासियों द्वारा किस तरह की जाती है, लाख की खेती
लाख का प्रयोग, भारतीय युगों से करते आ रहे हैं। महाकाव्य महाभारत में प्रसिद्ध 'लाक्षगृह' के विस्तार का उल्लेख है।

Ajay Kanwar
Mar 14, 20234 min read


आइए जानें पपीता के बड़ी कैसे बनते हैं
गोंडी भाषा में, कूटे हुए आटे को पीठी बोलते हैं। और उसी, उरदी दाल की बनाई हुई पिट्ठी को, मेवे की करी में मिलाया जाता है।

Parmeshwari Pulast
Mar 13, 20232 min read


जानिए गोंड आदिवासियों में, क्यों सुपा बजाकर नृत्य करते हैं
गोंड आदिवासियों में बच्चों के जन्म लेने पर, ख़ुशी के साथ धूमधाम से त्यौहार मानाने का रिवाज है। और जब मनुष्य की मृत्यु हो जाती है, तब भी।

Rameshwari Dugga
Mar 10, 20232 min read


क्यों जरुरी है ग्रामीणों के लिए रोजगार गारंटी
क्योंकि, बांध निर्माण हो जाने के बाद यहां पानी का बहाव रुक जाएगा और पानी का व्यवस्था हो जाने पर डबल फसल उगाई जा सकेंगी।

Parmeshwari Pulast
Mar 9, 20233 min read


कौन है छत्तीसगढ़ की आधुनिक युग की सावित्री बाई फुले, नीलिमा श्याम
मुझे पढ़ने का बहुत मन था, पर घर में हमें पढ़ा-लिखा नहीं सकते, कह कर मना कर दिया गया।निलीमा के कार्य अक्सर अखबार में प्रकाशित होते रहते हैं।

Chaman Netam
Mar 8, 20237 min read


आइए जानें केला से मिलने वाले लाभ एवं उसके गुण के बारे में
हमारे आदिवासी गोंड जनजाति के लोग, केले के पत्ते को, बहुत ही अच्छा एवं शुद्ध मानते हैं। केले का पत्ता बहुत ही बड़ा होता है।

Jetho Singh Andil
Mar 6, 20233 min read


मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से, गांव के आदिवासियों के चेहरे में आई खुशी
गांव के लोगों की समस्याओं को जानने के लिए मुख्यमंत्री जी, सभी प्रदेशवासियों से मुलाकात कर रहे हैं, साथ ही समस्याओं का समाधान भी कर रहे हैं।

Shubham Pendro
Mar 3, 20234 min read


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