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#AdivasiAwaaz is a project by Adivasi Lives Matter (ALM) and Prayog, CG to help the Adivasi (Indigenous) youth of India assert their identities through digital stories to preserve, promote and amplify Adivasi identity.
क्या आदिवासी युवाओं को नशा के ख़िलाफ़ जागरूक करने की आवश्यकता है?
एक आदिवासी युवा बचपन से ही नशा करना सीख जाता है। आजकल मोबाइल का नशा भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।

Tumlesh Neti
Apr 5, 20223 min read


बा: पर्व - हो आदिवासियों का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार
बा: का अर्थ फूल है अर्थात फुलों का त्योहार। बा: पोरोब प्रकृति को सम्मान देने के लिए ही मनाया जाता है।

Rabindra Gilua
Apr 4, 20224 min read


जानिए गोंडी आदिवासियों के पर्व, सृष्टि दिवस के बारे में
यह पर्व फाल्गुन पूर्णिमा के दिन हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन सृष्टि का पहला पहला पुंगार (फुल) खिला था।

Chaman Netam
Mar 31, 20222 min read


केर: त्रिपुरी लोगों का सबसे सख़्त त्योहार
खारची के बाद सभी देवताओं को फिर से पवित्र किया जाता है, फिर त्रिपुरी लोगों द्वारा केर किया जाता है। मुख्य पुजारी ओचाई केर पूजा करते हैं।

Khapang Debbarma
Mar 24, 20223 min read


How Tripura's Culture Ensures That Women Continue To Break New Grounds
Under the indigenous culture, a woman can choose her own partner and have right over ancestral property, making her financially independent

Chandini Debbarma
Mar 21, 20223 min read


क्या होली जैसे त्योहारों को मना कर, युवा आदिवासी हो रहे हैं अपनी संस्कृति से दूर?
आदिवासी अपने को कमतर और दूसरों को श्रेष्ठ समझते आए हैं, बाहरी संस्कृति के प्रति रूझान का यह एक मुख्य कारण है।

Nitesh Kr. Mahto
Mar 21, 20224 min read


Why Adivasis Need The Forest Rights Act
Tribals/Adivasis have been historically excluded from mainstream discourses. They are marginalised by their geographical isolation as...
Rinku Kumari
Mar 17, 20225 min read


The Indigenous Woman With An Indomitable Spirit: Rani Gaidinlu (1915-93)
Historical figures, from marginalized backgrounds, especially women, have not been represented in the mainstream discourses. Their...

Boniface Gaigulung Kamei
Mar 16, 20226 min read


आखिर क्यों आत्म निर्भर कहे जाने वाले आदिवासी हो रहे हैं दूसरों पर निर्भर ?
आज इस आधुनिक युग में विकास के नाम पर बहुत सारे सुख सुविधाएं के मोह में कई आदिवासी समुदाय अपनी पुरानी जीवनशैली को भूलने के कगार पर आ चुके हैं

Tumlesh Neti
Mar 12, 20224 min read


Adivasi Women Writers: Challenging Exclusion And Creating Spaces
the globe have ensured the historical exclusion of women from education, rights and various socio-political, economic, psychological and...
Pushpika Sapna Bara
Mar 8, 20227 min read


जानिए आदिवासियों के शम्भू नरका पंडुम के बारे में
जानिए आदिवासियों के इस अद्भुत पर्व के बारे में, जिसे गैर आदिवासी महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं।

Chaman Netam
Mar 3, 20222 min read


Nagas: The Artistic Communitarian Society That Has Been Unjustly Represented Through Ages
Boniface Gaigulung Kamei is a Research Scholar at the University of Hyderabad.

Boniface Gaigulung Kamei
Feb 24, 20225 min read


मागे पर्व:- नारी और जननी को समर्पित पर्व
मागे का अर्थ है 'स्त्री तुम ही हो'। मागे पर्व, मानव के उत्पत्ति यानी सृष्टि की रचना का पर्व है। मागे पर्व 8 दिनों का होता है।

Rabindra Gilua
Feb 19, 20223 min read


जानिए आदिवासी गाँव मासुल की अद्भुत कहानी
गोंडी भाषा में मासुल का अर्थ अजगर सर्प होता है, अजगर सर्प यहाँ के नवजात बच्चों को खा जाया करता था।
Tejkaran Jade
Jan 31, 20223 min read


Zeliangrong Nagas Reawaken Ancient Rituals And Songs Through This Winter Festival
The Gaan Ngai festival draws attention to the indigenous way of life where dormitory system was a part of Naga culture

Boniface Gaigulung Kamei
Jan 20, 20223 min read


Tipra Luku Bosongo Hangrai Ter Palaijakmano Rwgwi Kok Kisa
Hangrai no chini borok rok hohom dodom khe kailaiwo

Rusan Debbarma
Jan 19, 20222 min read


आदिवासी लोक नृत्य को मिला युवा हाथों का सहारा
गरियाबंद के जितेंद्र नेताम जी गाँव के युवाओं को मंदारी नृत्य सिखाते हैं। उनकी नृत्य मंडली से जुड़कर युवा अपनी संस्कृति की ओर भी लौट रहे हैं।

Tumlesh Neti
Jan 17, 20223 min read


From Lineage To Resistance: The Emblematic Custom Of Pathal Gadi
Laced with the memories of their elders, the stones erected during Pathal Gadi serve as memorial stones

Monica N. Lugun
Jan 12, 20223 min read


क्रिकेट प्रतियोगिता के जरिए सामाजिक एकता और भाईचारा को बढ़ाते हैं चेरवा जनजाति के लोग
इस प्रतियोगिता के जरिए समाज के सभी लोगों को एक स्थान पर मिलने का अवसर मिलता है। समुदाय में एकता, भाईचारा बढ़ती है।
Rakesh Nagdeo
Jan 11, 20223 min read


क्यों इस त्योहार के बाद ही शादी कर सकते हैं बिंझवार समुदाय के लोग?
बात देवउठनी त्योहार की जो बिंझवार समुदाय के आदिवासी हर साल कार्तिक एकादशी में मनाई जाती है।
Jagmohan Binjhwar
Dec 29, 20212 min read


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